मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त पेंशन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त विभाग के नए आदेश के अनुसार, 80 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले किसी भी पेंशनर को अतिरिक्त 20 फीसदी पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस फैसले के बाद पेंशनरों के बीच इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सरकार के इस आदेश का असर करीब 4.30 लाख रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों पर पड़ सकता है। लंबे समय से अतिरिक्त पेंशन के नियमों को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही थीं, जिसके बीच वित्त विभाग ने अब अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
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क्या था पेंशनर्स के बीच कंफ्यूजन?
कई पेंशनर्स ऐसा मान रहे था कि 79 साल की आयु पूरी करने पर 80वें साल में प्रवेश करने पर उन्हें अतिरिक्त पेंशन मिलेगी। जबकि, वित्त विभाग के आदेश के मुताबिक़, अब रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी जिस दिन 80 वर्ष की उम्र पूरी करेंगे, उस महीने के बाद से अतिरिक्त पेंशन का फायदा दिया जाएगा।
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इन पेंशनर्स को मिलेगी 30% अतिरिक्त पेंशन
अतिरिक्त पेंशन को लेकर मध्यप्रदेश में पहले भी कानूनी विवाद सामने आ चुके हैं। इसी साल 16 जनवरी 2026 को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक मामले में सरकार के रुख को सही ठहराते हुए कहा था कि 85 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ही पेंशनर 30% अतिरिक्त पेंशन पाने के पात्र होंगे।
विभाग ने अपने आदेश में 2009 के मूल सर्कुलर का हवाला दिया। जिसमें कहा गया कि अतिरिक्त पेंशन उस महीने के बाद से मिलेगी, जिसमें पेंशनर तय आयु पूरी करेगा।








